स्टांप ड्यूटी कैलकुलेटर
स्टांप ड्यूटी क्या है और कब देनी होती है
स्टांप ड्यूटी कानूनी दस्तावेज़ों पर लगने वाला राज्य कर है — किराया एग्रीमेंट, सेल डीड, गिफ्ट डीड, मॉर्गेज आदि पर। सही ड्यूटी चुकाने से ही दस्तावेज़ पूरी तरह उपयोगी बनता है: कम स्टांप वाला एग्रीमेंट अदालत में साक्ष्य के रूप में ठुकराया जा सकता है और सामने आने पर कमी के कई गुना तक जुर्माना लगता है। स्टांप ड्यूटी राज्य का विषय है, इसलिए एक ही दस्तावेज़ की दर दिल्ली और महाराष्ट्र में काफी अलग हो सकती है, और राज्य अपनी अनुसूचियां नियमित रूप से बदलते रहते हैं।
यह कैलकुलेटर उन तीन दस्तावेज़ों के लिए सांकेतिक अनुमान देता है जिनके बारे में सबसे ज़्यादा पूछा जाता है:
- किराया एग्रीमेंट — ड्यूटी आम तौर पर वार्षिक किराए का, या अवधि के कुल किराए + डिपॉज़िट का छोटा प्रतिशत होती है। कई राज्य छोटे आवासीय एग्रीमेंट के लिए राशि की सीमा तय करते हैं, इसीलिए आम 11 महीने का एग्रीमेंट सस्ते में स्टांप हो जाता है।
- सेल डीड — ड्यूटी बिक्री मूल्य या सरकारी सर्किल रेट, दोनों में से ज़्यादा, का प्रतिशत होती है। यही बड़ा खर्च है: ₹50 लाख के फ्लैट पर 6% ड्यूटी ₹3 लाख बनती है, रजिस्ट्रेशन फीस अलग।
- गिफ्ट डीड — कई राज्य करीबी परिवार को संपत्ति उपहार देने पर रियायती या सांकेतिक ड्यूटी लेते हैं, अन्यथा सेल डीड जैसी पूरी ड्यूटी।
कई राज्य महिला खरीदारों को छूट भी देते हैं, और ज़्यादातर यहां दिखाई ड्यूटी के ऊपर रजिस्ट्रेशन फीस (आम तौर पर 1%) जोड़ते हैं।
परिणाम का उपयोग कैसे करें
इस आंकड़े को बजट का अनुमान मानें, फिर स्टांप पेपर खरीदने से पहले राज्य की आधिकारिक स्टांप अनुसूची या ई-स्टांपिंग पोर्टल (SHCIL या राज्य की अपनी प्रणाली) से जांच लें। रकम बड़ी हो — संपत्ति की बिक्री या उपहार — तो दस्तावेज़ पेशेवर तरीके से बनवाएं और ड्यूटी की गणना सटीक प्रतिफल व सर्किल रेट पर कराएं। किराया एग्रीमेंट के लिए हमारी ड्राफ्टिंग सेवा एग्रीमेंट तैयार करती है और आपके राज्य के लिए खरीदने योग्य सटीक स्टांप मूल्य बताती है।
आपका राज्य सूची में न हो, तो हमें WhatsApp पर संदेश भेजें, हम मौजूदा दर की पुष्टि कर देंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या यहां दिखाई गई स्टांप ड्यूटी सटीक है?
नहीं — यह प्रकाशित मुख्य दरों पर आधारित सांकेतिक अनुमान है। राज्य दरें बदलते हैं, सरचार्ज और सेस जोड़ते हैं, और छूट देते हैं (जैसे महिला खरीदारों को)। भुगतान से पहले राज्य की आधिकारिक अनुसूची या ई-स्टांपिंग पोर्टल से पुष्टि करें।
किराया एग्रीमेंट की स्टांप ड्यूटी कौन देता है?
जो पक्ष तय करें। व्यवहार में अक्सर आधा-आधा या किरायेदार देता है; महाराष्ट्र के लीव-एंड-लाइसेंस सौदों में अक्सर मकान मालिक देता है। व्यवस्था एग्रीमेंट में लिखें।
ज़रूरत से कम स्टांप ड्यूटी देने पर क्या होता है?
कम स्टांप वाले दस्तावेज़ पर अदालत या रजिस्ट्रेशन में पेश करते समय कमी के कई गुना तक जुर्माना लग सकता है, और कमी व जुर्माना चुकाने तक वह साक्ष्य में स्वीकार नहीं हो सकता।
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यह पेज सामान्य जानकारी के लिए सामान्य कानूनी प्रक्रिया समझाता है। यह कानूनी सलाह नहीं है। अपनी विशिष्ट स्थिति के लिए किसी योग्य वकील से परामर्श करें।
